आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज़ में लिखी मेरी पांच कवितायेँ मिली – चार हिंदी और एक अंग्रेजी | अंग्रेजी कविता “Only I c… more →
Nitin Jalanmequitnever wrote 1 month ago: आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज … more →
mequitnever wrote 1 month ago: माक्यावैली की किताब "द प्रिन्स", 1532 में प्रकाशित निकोलो माक्यावैली द्वारा, इतालवी भाष … more →
mequitnever wrote 3 months ago: असत्याभास एक जवलामुखी है | फुंटता क्यों नहीं | कब तक यह आग की ठंडक मुझे सुजाती रहेगी | एक बार जल जाओ … more →
madsadman wrote 4 months ago: While a man was polishing his new car, his 4 yr old son picked stone & scratched lines on the si … more →
mequitnever wrote 4 months ago: सफ़र की क्या मंजिल हो लहरों का क्या साहिल हो माझी का क्या नाव हो सपनो की क्या उड़ान हो देखते थे यह सब … more →
vaachik wrote 1 year ago: मेला केहनो हुअय, नीक होईत छैक. आनंद त अबितहि छैक, उत्साह सेहो. एकटा आउर कारण देल जा सकैछ, मेला स्म … more →