Lost your password?

Blogs about: Sep 2008

Featured Blog

सिलसिला गुनाह का1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: ज़िंदगी है इक मुसलसल सिलसिला गुनाह का आपको दिखता नहीं तो ऐब है निगाह का आजकल के दौर की मिसाल है ये ता … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

आप भी अजीब हैं3 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: आप भी अजीब हैं क्यूँ मेरे करीब हैं देते हैं दवा में ज़हर ये मेरे तबीब हैं                  तबीब == He … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

तुम भी5 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल जो टूटा तो बताओ के किधर जाओगे तुम भी इस राह में आखिर को बिखर जाओगे हद से हद ये ही मिलेगा मुझे चा … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

यादें बिन आये भी जब6 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: यादें बिन आये भी जब सीने में जलने लगती हैं तस्वीरें रंग बदलती हैं तन्हाई में बोलने लगती हैं तारीकी ऐ … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

क्या क्या6 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: कौन ये कश्ती ले उतरा तूफ़ान में इतना दम कब से आया इन्सान में वो देखता रह्ता है आसमां की तरफ़ कोई रहता … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

नज़्म - दुआ3 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: कोई भी इस जहां में ना कहीं बरबाद रहे जो जहां पर भी रहे खुश रहे आबाद रहे ना रहें मंदिरें ना मस्जिदें … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, 2008

और भी काम हैं ज़माने में3 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: बहुत दिनों से ग़ैरहाज़िर हूँ जिसके लिये माफ़ीगुज़ार हूँ. अपनी हालत बयां करने के लिये एक फ़ैज़ साहब का शेर … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain


Related Tags
All →

Follow this tag via RSS