Blogs about: Separation

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दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आँसू, आस्ताँ, ख़ुदा, चाँद, तस्व्वुर, दाग़, दिल, मरासिम

वह कब आयेगी8 comments

विनय wrote 1 year ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इ‍ंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा वह कब आयेगी जो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, तन्हा, ज़मीं, हमनशीं, soul

वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ3 comments

विनय wrote 1 year ago: वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ बेवफ़ाइयाँ मेरी ख़ुद से बेवफ़ाइयाँ अजब कशमकश है तेरे प्यार में जाने क्या … more →

Tags: मेरा गीत, ज़हन, इश्क़, दर्द, तख़लीक़, Heart, Love, haze, Mind

ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?

विनय wrote 1 year ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सावन बुलाये, कहाँ हो तुम? अपने हश्र तक पहुँचा ‘नज़र … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, सावन, प्यार, मोहब्बत, नज़र, death

लो! यह दिन भी क़रीब आ गये

विनय wrote 1 year ago: लो! यह दिन भी क़रीब आ गये जानम जब मैं तुम्हारे लिए सरे-बाम खड़ा होता था इस बरस होली के रंग रास नहीं आ … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, रंग, इश्क़, Love, क़रीब, प्यार, मोहब्बत, बिछोह, Beloved

जिसे दवा जाना वह भी ज़हर निकला1 comment

विनय wrote 1 year ago: जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने मेरे दिल स … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, Moment, दिल, डर, प्यार, मुख़्तसर

कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है5 comments

विनय wrote 1 year ago: कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है फिर से वही गुज़रा हुआ ज़माना ढूँढ़ता है वह एक पल जो थम के रह गया … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, time, Moment, प्यार, मोहब्बत, पल, सदा

जिगर को चाक करना चाहता हूँ

विनय wrote 1 year ago: जिगर को चाक करना चाहता हूँ साँसों में दर्द भरना चाहता हूँ गीली आँखों में सच्चे अफ़साने ऐसे जीवन से डर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, Pain

शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर

विनय wrote 1 year ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, प्यार, याद, मोहब्बत, रात

वह मौसम इक बार 2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, possible, जुदा, मौसम, दिल, प्यार

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, मौसम, दिल, प्यार

जब कभी वह शाम 1 comment

विनय wrote 1 year ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बहाराँ तू बहुत याद आयी माना आज शाम का वह रंग नहीं और मेरी जान त … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, रंग, इश्क़, Heart, Love, जुदा, दिल, प्यार

बिछड़ के रहना सीख लिया है1 comment

विनय wrote 1 year ago: बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क्या तुमने बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क्या तुमने … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, Reminisce, जुदा, दिल, प्यार, याद, मोहब्बत

जब से भूल जाना चाहा तुमको

विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →

Tags: मेरी नज़्म, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, गुल, प्यार

इक तरफ़ वह इक तरफ़ हम

विनय wrote 1 year ago: इक तरफ़ वह इक तरफ़ हम बीच में यह फ़ासले इश्क़ की डोर से हमने जो बाँधे बन्धन क्या ख़बर उन पर गींठ लगी भी … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, चाहत, desire, बन्धन

दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे

विनय wrote 1 year ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने दिल की बात गुज़र गये वह सारे लम्हे बिताये थे जो हमने साथ पास तो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, मौसम, दिल, प्यार, मोहब्बत, रात, Pain

रहूँ मैं कैसे जुदा

विनय wrote 1 year ago: रहूँ मैं कैसे जुदा मैं जुदा रह नहीं सकता सहूँ मैं कैसे दर्द मैं दर्द सह नहीं सकता इश्क़ ने ऐसा मारा अ … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, दर्द, Love, जुदा, प्यार, मोहब्बत, Pain, breakup

गिर जायेगा इस बरसात में घर

विनय wrote 1 year ago: गिर जायेगा इस बरसात में घर तुम हो उधर हम हैं इधर जंगल ही जंगल है सब वीराना-सा जिस सिम्त दौड़ती है नज़ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सफ़र, दुआ, नज़र, Journey

क़तरा-क़तरा गलायेगा मेरे दिल को1 comment

विनय wrote 1 year ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और के साथ देखूँ तो मेरे दिल पे क्या गुज़रेगी कैसा महसूस करूँगा बा … more →

Tags: मेरी नज़्म, महसूस, इश्क़, दर्द, Love, डर, प्यार, मोहब्बत, Pain


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