खुमारी चढ़ के उतर गई ज़िंदगी यूं ही गुजर गई – 2 कभी सोते सोते कभी जागते ख़्वाबों के पीछे यू ही भागते अपनी तोः सारी उमर गई- 2 खुमारी चढ़ के उतर गई ज़िंदगी यूं ही गुजर गई रंगीन बहारों की ख्वाहिश रही… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: खुमारी चढ़ के उतर गई ज़िंदगी यूं ही गुजर गई – 2 कभी सोते सोते कभी जागते ख़्वाबों के पीछे यू ही … more →