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Blogs about: Shairee

हास्य कविता-बीस का नोट पचास में नहीं चलेगा 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बीस के शेर पचास में ढ़ेर जीतते हैं तो फुलाते सीना हारें तो कहें’समय का फेर’ समझाया था क्य … more →

Tags: Blogroll, inglish, Thought, shaayree, shayree, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, India, bharat

हास्य कविता -हिट- फ्लॉप के चक्कर में मत पडो2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: वह प्रतिदिन हिट होने के नुस्खे सबको बताएं और शब्दों के डाक्टर कहलाये मरीज पढ़ते नुस्खा जब तक डाक्टर स … more →

Tags: Vichar, Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, नज़रिया, Thought, शायरी, shaayree, shayree

माया के खेल तो बनते-बिगड़ते हैं-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: गरीब का जीना क्या मरना क्या अमीर का जीतना क्या हारना क्या इस जीवन को सहज भाव से वही बिता पाते हैं जो … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, कविता, inglish, अभिव्यक्ति, Thought

आदमी अपने सच से मूँह छिपाता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उगते  सूरज को करें सभी नमन डूबते से कभी नजर न मिलाएं   कामयाबी के शिखर पर पहुँचा आदमी अपने  चारों और … more →

Tags: hindi, Kavita, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, कविता, दर्द बांटते चलो, शायरी, shaayree, shayree

हीरो और क्लर्क-hasya vyangaya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हीरो और क्लर्क ऐक ही दिन  और ऐक ही समय पर  मंदिर में करने  दर्शन करने पहुँचे  क्लर्क तो रोज वहाँ जाक … more →

Tags: Blogroll, Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, meadia, संपादकीय, शायरी, shayree

शिक्षा और सीख

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: माँ अपने बेटे को स्कूल की किताबें  पढ़ाते-पढ़ाते जीवन की  शिक्षा भी उसको  देने लगी ‘बड़ों का स … more →

Tags: Blogroll, Vichar, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, शायरी, shaayree, shayree, हास्य व्यंग्य

वाह रे बाजार तेरा खेल , कभी पास कभी फेल- हास्य-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब से मोबाइल की बैटरी फ़टने की खबर आई है लोग सहमे हैं जिनके लिये मोबाइल कोई फोन नहीं बल्कि गहने हैं ब … more →

Tags: Kavita, glogbal dashborad, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, meadia, शायरी, shaayree, shayree

दूसरे की रक्षा क्या करेंगे

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पहले छोड़ते साँप  और फिर पकड़ने के लिये  करते  दिखते बहुत मशक़्क़त सहज काम ऐसे करते    जैसे आ रही भा … more →

Tags: Kavita, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, Thought, shaayree, shayree, इंडिया, India

छिद्रान्वेषण करने वाले क्या ख़ाक सृजन करेंगे

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: दूसरों के लिखे का करें छिद्रान्वेषण कहैं जैसा वह लिखता है वैसा खुद नही दिखता है आधा-अधूरा पढ़ें शब्द … more →

Tags: Blogroll, hindi, दृष्टिकोण, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, शायरी, shayree

मन के बहरों के आगे क्या बीन बजाना-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अपनी-अपनी सब कहैं सुने न कोई किसी की बात इससे तो अच्छा हैं हम मौन हो जाये अपने ही मन की सुने बात … more →

Tags: कविता, दर्द बांटते चलो, दीपक भारतदीप, बिंब-प्रतिबिंब, लम्हे, व्यंग्य, शायरी, संवेदना, साहित्य

सागर की लहरों जैसा है मन मेरा

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: सागर की तरह मन है मेरा जब भी लहरों से खेलता है कुछ शेर ही जुबान से  कहला कर दम लेता है मैं भी उसे नह … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, vididha, दृष्टिकोण, Global Dashboard, कविता, दर्द बांटते चलो

अल्फाजों का समन्दर उफनता आने दो

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: तुम रास्ते से हट जाओ अपने ज़ज्बातों को बहकर आने दो अल्फाजों का समंदर है अन्दर उसे उफनते आने दो कहने क … more →

Tags: Blogroll, Vichar, Kavita, vididha, दृष्टिकोण, कविता, दर्द बांटते चलो, अभिव्यक्ति, Thought

कोइ बताये सुख क्या होता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: चारों और वृक्षों से घिरा खिर्की पर है सुन्दर कांच लगा चिकने पत्थर का फर्श रोशनी से चमकते हुए कमरे सभ … more →

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छोटी कविताएँ और हंसिकाएं और कुछ रुलाएं 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आदमी और कुत्ते पर कविता सुनाकर वह लोगों को हंसाते हैं अपने नाम के आगे हंसी के बादशाह की पदवी लगाते ह … more →

Tags: चरित्र, दर्द बांटते चलो, दृष्टिकोण, नज़रिया, प्रतिबिंब, बिंब-प्रतिबिंब, रात-बेरात, लम्हे, व्यंग्य

बारात का एक दिन, शादी की एक रात-कविता 4 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: एक दिन की बारात शादी की एक रात आदमी अपनीसारी जिन्दगी की कमाई दाव पर लगाता है दूसरों को खुश कर अपनी ख … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आचरण, इंडिया, कविता, चरित्र, ताल-बेताल, दर्द बांटते चलो, दृष्टिकोण, नज़रिया

अपने आंसू धीरे-धीरे बहाओ

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: शिष्य के हाथ से हुई पिटाई गुरुजी को मलाल हो गया जिसको पढ़ाया था दिल से वह यमराज का दलाल हो गया गुरुज … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, vididha, sampadkeeya, दृष्टिकोण, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी

विश्वास के लिए शर्तें मत रखो-hindi shayri

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: विश्वास से अविश्वास प्यार से नफरत ईमान से बेईमानी पैदा होनी है अगर तुम में यह सब नहीं है चाहे कितने … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, dharm, कविता, दर्द बांटते चलो


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