1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आना इंतज़ार बन गया साथ में जले हम भी | 2.मध्यम सी चाँदनी बिखरी चाँद आया,ये रात निखरी आगोश में समा गयी … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम सदा ही मुस्कुरा जाते है आपके हर एक दीदार में | मोहोब्बत के मोती पिरोए है आपके हर लफ़्ज-ए- इज़हार … more →