हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत चंचल मन 2.कोयल की कुक दिल में मिठास सुरीला गीत 3.नदिया की धारा सागर मिलन की उमंग लंबे रास… more →
mehekmehhekk wrote 2 years ago: हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत … more →
mehhekk wrote 2 years ago: दीदार खुश है मेरी बन्नो,आज मधुचंद्र की रात सज सवर कर बैठी है नही करती किसीसे बात कुछ भी कहो ,गुलाब … more →