वादों के बादल बरसने का मौसम जब आता है यादों पर ग्रहण लग जाता है जजबातों के सौदागर तय करते हैं कि कौनसा सा वादा बरसाया जाये किस याद को लोगों के दिमाग से भुलाया जाये तमाम के लगाते नारे रचकर हवाई किला … more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अपने लिए नहीं मांगते सिंहासन दो पल की रोटी की खातिर मजदूर इधर से उधर जाते अपने पसीने की धारा में अपन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वादों के बादल बरसने का मौसम जब आता है यादों पर ग्रहण लग जाता है जजबातों के सौदागर तय करते हैं कि कौन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वक्त ने देखा है सबको उसे चलते भले देखता न हो कोई बडे-बडे शिलालेखों पर नाम खुदवाकर कई राजाओं ने अमर ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बीस के शेर पचास में ढ़ेर जीतते हैं तो फुलाते सीना हारें तो कहें’समय का फेर’ समझाया था क्य … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह प्रतिदिन हिट होने के नुस्खे सबको बताएं और शब्दों के डाक्टर कहलाये मरीज पढ़ते नुस्खा जब तक डाक्टर स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आपस में मिले दो असफल लेखक पहले पाठकों पर भंडास निकाली फिर अपना नाम किसी भी कीमत पर पत्र-पत्रिकाओं मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इंडियन आइडियल का नशा एक दिन ही चढ़ा दूसरे दिन उतरा बालक को करा रहे थे माता-पिता म्यूजिक की प्रेक्टिस … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भक्त से पूछा गया ‘बता राम कौन है’ जो मनुष्यदेह धारण किये हो और पूछे ऐसा प्रश्न इस अहंकार … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पांच दिन से एक दिन अब क्रिकेट खेल के रह गये बीस ओवर बाजार में देश प्रेम की भावनाओं का भुनाते ख़ूब चल … more →