Blogs about: Shayri
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Tumhara hi pura adhikaar..............
dharti hun mein teri, mere akaash ho tum…… sirf ek mirgtrishna nahi , meri sachaaye ka abhaas ho tum… apni kai adhjagi raato mein, sapna ban ke utarte dekha hai tumhe, paya hai teri… more »
SaYa....kUcH YaAdE GeEtO Se..
उनका नाम ही दरियादिल हो जाता-कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 hours ago: अपने दिल का बयां कभी कभी दूसरे के अल्फ … more »
पसीना ही कविता लिखवाता है
दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: बदलते मौसम के साथ मन भी यूं बदल जाता है … more »
क्रिकेट मैच के दौरान नृत्य कार्यक्रम:एक विचार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अभी चल रही प्रतियोगिता में क्रिकेट मै … more »
क्रिकेट मैच में एक्शन का सीन-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »
पटकथा लिखने वाले ने कमाल किया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »
जब तक अंतर्जाल की माया, रहेगी इस ब्लाग की काया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: ब्लाग पर लिख गया एक कमेंट एक पाठक ‘ दीप … more »
नकली जिंदगी की खातिर-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: फिल्मों में ही होता है चक दे इंडिया सच … more »
श्रृंगार रस में आधुनिक कवितायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आया एक आशिक का ईमेल लिख था उसमें ‘‘दीप … more »
मालिक नहीं तो मजदूर का रोल करेगा-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, मेरा छ … more »
करते हास्य कविता की पैनी धार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, तुम क् … more »
शेर के इंतजार में उम्र न निकल जाये-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: पार्क में घूमती हुई लड़कियों को उस लड़ … more »
यह माया का चक्र तो चलता रहेगा-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया मूंह लटकाते हुए आया और रुं … more »
खुलकर लिखने की इच्छा पूरी हो गयी-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: टूटा हाथ लेकर आया फंदेबाज तो पूछने पर … more »
छद्म ब्लाग ने सास से बचाया-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: अंतर्जाल पर बहू ने अपना एक ब्लाग बनाया … more »
सत्य से पीछा छुड़ाकर कहां जायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: लाया फंदेबाज कई तस्वीरें और दिखाते हु … more »
कमरे के अंदर-बाहर की राजनीति होती हैं अलग-अलग-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: सभाकक्ष से बाहर निकलते ही फंदेबाज जोर … more »
हमारी पोस्ट भी जोरदार पाओगे-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: रास्ते में टकरा गया फंदेबाज और घूर-घूर … more »
अभी मशहूर नहीं हो सकते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू हमें … more »
शादी कर ही हमारे ब्लॉग पर कमेन्ट लगाना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कमेंट लिखने वाले ने पूछा ‘‘ मेरी प्रेम … more »
