Blogs about: Sher O Shayri

नए टीवी लाने की गलती नहीं करना-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: एक सज्जन ने दूसरे से कहा ‘‘यार, क्या तुम्हारे घर में ळाह सास बहु का रोज होता है झगड़ा हमारे यहां तो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कथा साहित्य, दीपक भारतदीप, लघुकथा, व्यंग्य, शब्द, हास्य, हास्य व्यंग्य

प्यार बिकता हैं यहां-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जब भी हम ढूढ़ते हैं अपने लिए प्यार पर मिलती है सब जगह से दुत्कार खुद करो चाहे किसी से भी तुम मांगो … more →

Tags: हिन्दी, abhivyakti, editoriyal, Internet, Friends, bharat, India, सन्देश, साहित्य

समाज की इमारत में आदमी पत्थर की तरह लग जाते-कविता साहित्य

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: हर पल लोगों के सामने अपना कद बढाने की कोशिश हर बार समाज में सम्मान पाने की कोशिश आदमी को बांधे रहती … more →

Tags: abhivyakti, alekh, arebic, Article, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप

कहने वाले का कहना ही है व्यापार-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: एक सपना लेकर सभी लोग आते हैं सामने दूर कहीं दिखाते हैं सोने-चांदी से बना सिंहासन कहते हैं ‘तुम उस पर … more →

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श्रमिक पुत्र कभी अभिनेता नहीं बनता-हास्य कविता-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: आज मजदूर दिवस है आओ सब मिलकर नारे लगायें जो गरीबों और मजदूरों को भायें जन कल्याण और न्याय के लिये ज … more →

Tags: abhivyakti, Anubhuti, Article, अनुभूति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, शब्द, शायरी

संगीत का लेते नाम, मचाते कोहराम-हास्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: गीत और संगीत से दिल मिल जाते हैं पर अब तो उसकी परख के लिये प्रतियोगितायें को अब वह महायुद्ध कहकर जम … more →

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अध्यात्मिक गुरु जब मायावी ढांचे के बचाव में आगे आते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: कल गुरुपूर्णिमा के दिन था और लोगों ने अपने हृदय में स्थित गुरुओं की पूर्जा अर्चना की। भारत में यह पर … more →

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आम पाठक की प्रतिक्रिया की बन सकती है अंतर्जाल लेखकों की प्रेरणा-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: इस सप्ताह मैंने कोई ऐसा पाठ या रचना नहीं लिखी जिसकी चर्चा की जा सके। वजह यह रही कि बरसात के मौसम में … more →

Tags: Kavita, काव्य, कविता, चिन्तन, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, hasya, vyangya

इस पत्रिका के पहले औपचारिक अंक का विमोचन1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज से यह पत्रिका प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रकाशित होगी। इसका लेखन एवं संपादन एक स्वयंसेवी … more →

Tags: adhyatm, अभिव्यक्ति, आलेख, इंटरनेट, कबीर, दीपक भारतदीप, शब्द, साहित्य, हास्य व्यंग्य

क्रिकेट मैच में एक्शन का सीन-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापु तुमने पहले अखबारों  और अब ब्लाग पर क्रिकेट पर … more →

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पैसा लेकर दिल बहलाने के लिए-hindi poem

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मनोरंजन के लिए किसी दृश्य, वस्तु या आदमी की चाहत इन्सान को मजबूर करती है इधर-उधर जाने के लिए बाजार … more →

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यह कौनसी अक्लमंदी है-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चंद पलों की खुशी की खातिर पूरी जिन्दगी दाव पर लगा देना भला कौनसी अक्लमंदी है सब कुछ करते हैं हम अपने … more →

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हिन्दी के ठेकेदार- हास्य-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्जाल पर एकछत्र राज्य की कोशिश ने कुछ लोगों को अंधा बना दिया अपने दोस्त लेखकों की भीड़ जुटाकर सम … more →

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भोर में ही शुरू शोर -हिन्दी कविता साहित्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अभी हुई है भोर शुरू कर दिया उन्होने शोर कैसे न होंगे दिन भर बोर जहाँ मौन रखकर ध्यान करना था वहाँ लग … more →

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रौशनी और अँधेरे का व्यापार-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वादों के बादल बरसने का मौसम जब आता है यादों पर ग्रहण लग जाता है जजबातों के सौदागर तय करते हैं कि कौन … more →

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