विनय wrote 1 year ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाहो दिल से, उसे पाने का दिन है रंग हैं चारों तरफ़, गुलाबों की ख़ु … more →
विनय wrote 1 year ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मुझे आज भी है इन्तिज़ार तुम्हारा नम है नफ़स-नफ़स मेरे सीने में क्यो … more →
विनय wrote 1 year ago: ऐनक उतार के ख़ुद को आइने में कभी देखा होता कि इक नूर का टुकड़ा हो मेरे ख़ाबों में चुभता है जो … more →
विनय wrote 1 year ago: In my eyes You live only Without you I live lonely When you’re coming Tell me baby When you … more →