Blogs about: Shore

आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा2 comments

विनय wrote 1 year ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मेरे दिल तक पहुँचा ज़ख़्म देकर जो उसका जी न भरा दिल उसका मेरे दि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, arrow, आँख, आसमाँ, इश्क़, ख़ुशी, जी, तीर, दर्द

नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में2 comments

विनय wrote 1 year ago: नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में मैं रंग-बिरंगे सपनों की छतरी लेके साँवले का मन लुभाके, बिजली ग … more →

Tags: मेरा गीत, इठलाती, कजरारी, गुलाबी, घूँघट, चुनरिया, छतरी, जिया, द्वार

जैसे-तैसे निभाते हैं

विनय wrote 1 year ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछताते हैं सच्चे-झूठे सपने तेरे रातों की नींदें उड़ाते हैं दो किनारे … more →

Tags: मेरा गीत, उम्मीद, इश्क़, लोग, Love, प्यार, मोहब्बत, रात, सपना

दिल की बस्तियाँ जलीं

विनय wrote 1 year ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, उम्मीद, इश्क़, दर्द, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार


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