mehhekk wrote 1 year ago: शृंगार 1.बिंदिया,झुमका,पायल,बाजूबंद मैं सब कुछ पहनकर आउ एक काला तीट मुझे लगाना, सब की नज़र से मैं … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वो तुम ही तो हो रहता है जो इन झील सी निगाओं में बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो | नाम लेती हूँ जिसक … more →