दिल में जब तक मैं-तू नहीं हम हैं घर बिखरने के मौके बहुत कम हैं . कौन खींचेगा भला सेहन में दीवार प्यार जिंदा हो तो फिर कैसा गम है . जिस्म की छोडिये बिकने लगी औलादे तरक्की की राह में यह कैसा ख़म है . खा… more →
GEET,GHAZAL,KAVITA AUR NAZM BY KAVI DEEPAK SHARMAkavideepaksharma wrote 7 months ago: दिल में जब तक मैं-तू नहीं हम हैं घर बिखरने के मौके बहुत कम हैं . कौन खींचेगा भला सेहन में दीवार प्या … more →
kavideepaksharma wrote 7 months ago: मेरे जेहन में कई बार ये ख्याल आया की ख्वाब के रंग से तेरी सूरत संवारूँ इश्क में पुरा डुबो दूँ तेरा ह … more →