श्याम चरण मन भाये | उठत-बैठत जागत-सोवत, हरि छबि सदा सुहाये | इत-उत- पल-पल छिन-छिन देखूँ, चंद्र रूप मुस्काये | बंद करूँ जो अंखियन आपन, हिय नैनन दरषाये ||१|| अंग-अंग ते रोम-रोम में, श्यामल छबि हरषाये | … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: श्याम चरण मन भाये | उठत-बैठत जागत-सोवत, हरि छबि सदा सुहाये | इत-उत- पल-पल छिन-छिन देखूँ, चंद्र रूप म … more →