विनय प्रजापति wrote 5 months ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पल … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्य … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हू … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: आज वह हर शख़्स मुझे बेग़ाना लगता है कल त … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: गिर जायेगा इस बरसात में घर तुम हो उधर ह … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: नज़र बचते बचाते लड़ ही गयी मय उन … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अप … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: वो क्यों देखता है मुझे? उसे क्या चाहिए … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: बारिश, बूँदें, पत्ते, मिट्टी -सौंधी रात, … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: तुम्हें महसूस हो कि ना हो मेरे सीने मे … more →