काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहिश पनपति पलक झपकने से पहले परिपूर्ण होती | फिर ना ही मुझे किसीसे करना पड़ता इज़हार और ना ही करना होत… more →
mehekAmi Jha wrote 8 months ago: “Ek Onkar Satnam Karta Purush Nirbhau Virvair Akal Murat, Ajuni Saibhang Guruparsad” … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: top post एकांत जगह,सुंदर वन में,घने हरे पेड़ के नीचे हर एक पन्ने पर वाल्मीकि,रामायण की महान गाथा लि … more →