सोचा नहीं अच्छा-बुरा, देखा-सुना कुछ भी नहीं.. मांगा खुदा से रात-दिन, तेरे सिवा कुछ भी नहीं.. देखा तुझे, सोचा तुझे, चाहा तुझे, पूजा तुझे.. मेरी खता मेरी वफ़ा, तेरी खता कुछ भी नहीं.. जिस पर हमारी आंख ने … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: सोचा नहीं अच्छा-बुरा, देखा-सुना कुछ भी नहीं.. मांगा खुदा से रात-दिन, तेरे सिवा कुछ भी नहीं.. देखा तु … more →