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महात्मा - मेरी नज़र से
एक बच्चे की नज़र से मैं हमेशा गाँधीजी से नफ़रत करता था। ऐसे कारणों से जो आज मुझे… more »
कर्मभूमि
मै अखबार आज भी क्यों पढ़ता हूं-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुर … more »
क्रिकेट मैच के लिये एक्शन सीन लिख देना-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: ब्लागर अपने कंप्यूटर पर बैठा था कि उसक … more »
क्या क्रिकेट की पुनःप्रतिष्ठा इंटरनेट के लिये चुनौती है?
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मुझे याद है जब पिछली बार मैं ब्लाग बना … more »
अपने मित्रों को भी ब्लोग भेजते हैं पाठक
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आंकड़े बोल सकते हैं तो ब्लाग क्यों नह … more »
सत्य से पीछा छुड़ाकर कहां जायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: लाया फंदेबाज कई तस्वीरें और दिखाते हु … more »
विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »
यूनिकोड से कृतिदेव की तरफ जाते हुए-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अब मैं कैसे लिख रहा हूं या पहले कैसे लि … more »
नाम, छद्मनाम और अनाम (२)
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अनाम और छद्मनाम वाले लोगो … more »
ब्लोग पर कमेन्ट को ही गुलाल और पकवान समझना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अपनी प्रेमिका को लुभाने क … more »
अभिव्यक्ति और भंड़ास-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: लोग दोस्तों से नाखुश रहते हैं कि वह मद … more »
बस चलते रहो-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मेरे मित्रों ने मेरे ब्लोग पर एक वेब … more »
Law and Order
z2aaman wrote 2 months ago: ‘kgjksa dks lkQ&lqFkjk j[kus] HkhM+ ls cpkus] /kq,a ds yisVs ls fudkyus] csrjrhc cus … more »
असली विजेता कहलाते हैं वही-कविता साहित्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: निठल्ले करते हैं काम की बातें और जो कर … more »
जिन्दगी की मुश्किलें-कविता साहित्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: जिन्दगी में मुश्किलें आतीं है कुछ सिख … more »
बचना है कठिन ग्राहक का कट जाना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जाते थे पहले बाजार खरीददारी कर आते अब … more »
संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय क … more »
सर्वश्रेष्ठ ब्लोगर का फैसला होना अभी बाकी
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: लोगों को बाँट रहे सर्वश्रेष्ट का खिता … more »
आम आदमी बैठा मुस्कराता
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कोई हारता और कोई जीतता कोई कैसे बांचत … more »
नो कमेन्ट
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कमेन्ट पाने का उसने कीर्तिमान बनाया ज … more »
