देखने का नजरिया अलग है। किसी ने अगर आलोक पुराणिक जी के चिट्ठे से दो पोस्ट हू बहू कापी कर अपने चिट्ठे में डाल दिया तो क्या वह चोर हो गया? आप कहते होंगे, मैं उसे नहीं मानता। मैं उसे उसकी भूख मानता हूं। … more →
My DreamPraful wrote 2 months ago: Civilians fleeing the area in north-east Sri Lanka where Tamil Tiger rebels and government forces ar … more →
दरभंगिया wrote 2 months ago: त्याग कर अभिमान अपना रख धरा का मान ले तू पाया बहुत कुछ अभी तक अब दान की भी ठान ले तू जी चुका बहुत अभ … more →
उन्मुक्त wrote 7 months ago: स्पा (spa), एक ऐसी जगह, जहां आप स्वास्थ्य या तंदुरुस्ती बनाने के लिये जाते हैं। अधिकतर अच्छे होटलों … more →
Amit wrote 1 year ago: पिछले माह, 12 जनवरी 2008 को, हुई दिल्ली ब्लॉग एण्ड न्यू मीडिया सोसायटी (Delhi Blog and New Media Soc … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: बड़की ने कम्प्यूटर-अभियांत्रिकी में मास्टर डिग्री गोल्ड मेडल के साथ ली है उच्च पदासीन है। मझली भी उच् … more →
विनय wrote 1 year ago: The beautiful thing is that Which looks like you I keep you in my eyes For my dreams How am I worst … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: सूर्य का जीवन जीने के लिए होना बहुत जरूरी है। इसके बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। एवरेस्ट में … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: देखने का नजरिया अलग है। किसी ने अगर आलोक पुराणिक जी के चिट्ठे से दो पोस्ट हू बहू कापी कर अपने चिट्ठे … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: जय हिंद! स्वतंत्रता दिवस पर सभी भारतवासियों को ढेरों मुबारकबाद। यह स्वतंत्रता सबको मिले। हमें बहुत क … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: भारत के आम नागरिकों की राय है यह। कोई भारत से परेशान है तो कोई भारत को महान कहता है। आम भारतीय वर्तम … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: एक खास जिनके बारे में लोगों को पता होगा लेकिन लिखा नहीं गया। दिल्ली के खाने के बारे में कतई नहीं लिख … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: अगर आपको यह पता है कि आपको क्या करना चाहिए तो सच मानिए आप अच्छे हैं। लेकिन अगर आपको यह भी पता है कि … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: मैंने हैरी पाटर के छह किताबें पढ़ी हैं। पहले की चार हिंदी में बाकी के दो अंग्रेजी में। मेरी अंग्रेजी … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: मेरे साथ काम करने वाले मेरे एक वरिष्ठ सहयोगी ने कहा क्या किसी को भी डाक्टरेट दिया जा सकता है? उनका … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: आज सुबह मेरा भतीजा स्कूल के लिए तैयार हो रहा था तो मैंने देखा कि उसका स्कूल बैग में बहुत कापी किताब … more →
Rajesh Roshan wrote 1 year ago: ये पहला मौका है जब अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद में भारत का नाम सामने आया है । अभी आरोप साबित तो नही हुआ … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: जब मैं यह संस्कृति लिखता हूं इसका मतलब है कि यह हमारे रोज मर्रा की आदतों में शुमार हो रहा है। और यह … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: स्कूल में सबको पढ़ाया बताया जाता रहा कि बड़ा सपना देखो, बड़े बनोगे। लेकिन सुनता ही कोई नहीं। मैं सुन … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: बच्चे पिता से क्यों डरते हैं? मुझे इसका सीधा जवाब जो समझ में आता है वो है कि पिता बेटे से कुछ भी प्र … more →