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क्रिकेट में सिर पर सवार पैसा-हिन्दी व्यंग्य चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago:         इस समय इंग्लैंड में चैम्पियन ट्राफी क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही है। इसमें बीसीसीआई की टीम जोर … more →

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कुसंग से सारे काम बिगड़ जाते हैं-तुलसी दास के दोहे (tulsidas ke dohe-kusang se sare kam bigad jate hain)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago:            जिन लोगों को अपना जीवन सहजता, सरलता तथा सम्मान के साथ बिताना है उन्हें अन्य काम … more →

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क्रिकेट में बॉल और गेंद से ज्यादा इस्तीफे की चर्चा-विशेष रविवारीय हिन्दी हास्य व्यंग्य रचना

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago:         टीवी चैनलों पर बार बार यह दोहराया जा रहा है कि क्रिकेट देश एक धर्म बन गया है। इसका एक भगवान … more →

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ध्यान से काम करने की कला बगुले से सीखें-चाणक्य नीति

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago:       सामान्य मनुष्य हमेशा ही बहिर्मुखी रहता है। आंखों के सामने घटित दृश्य, कानों में गूंजते स्वर तथ … more →

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भर्तृहरि नीति शतर्क-दौलत की बजाय परमात्मा का स्मरण करें

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago:          हमारे देश में श्रीमद्भागवत गीता की चर्चा एक पवित्र ग्रंथ की तरह होती है।  अनेक संत और साधु … more →

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दूसरों पर आरोप लगाने वाला स्वयं भी बेचैन रहता है-विदुर नीति

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago:     सामान्य मनुष्य को यह लगता जरूर है कि दुष्ट प्रकृति के लोग बहुत खुश रहते हैं पर यह सच नहीं होता। … more →

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तुलसीदास के दोहे-मनुष्य मोर के समान हो गए हैं

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: मनोरंजन व्यवसायियों के पैसे से निर्मित फिल्म और टीवी धारावाहिकों में युवा हृदयों के आपसी मेल मिलाप क … more →

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गर्मी में ख़ामोशी से ही ठंडक मिलती है-हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:            उत्तर भारत में अब गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है। जब पूरा विश्व ही गर्म हो रहा हो तब नियमित … more →

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क्रिकेट मैच में फिक्सिंग-खेल अब देखने का मजा ही नहीं रहा

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:           क्रिकेट मैचों में फिक्सिंग का मामला का कोई नया नहीं है। अनेक बार बहुत सारे प्रकरण सामने आय … more →

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क्रिकेट मैच में फिक्सिंग-जब नायक ही खलनायक बन जाते हैं

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:           कभी भारतीय जनमानस के नायक रहे श्रीसंत ने अपने आचरण ने स्वयं को खलनायक के पद पर प्रतिष्ठत क … more →

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गर्मी में खामोशी देती है बर्फ जैसी ठंडक-हिन्दी चिंत्तन लेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:     उत्तर भारत में अब गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है। जब पूरा विश्व ही गर्म हो रहा हो तब नियमित रूप से … more →

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aksheetsarwaan blog

sumitsarwaan wrote 4 weeks ago: गरीबों के दर्द को वही समझ सकता है जिसने गरीबी देखी हो. जो खुद गरीबों के बीच में रहा हो वह ही गरीबों … more →

गुलामी अब भी चालू है-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:              ब्रिटेन के राजघराने की उनके देश में ही इतनी इज्जत नहीं है जितना हमारे देश के प्रचार माध … more →

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प्रचारक महाराज का तंत्र-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:           प्रचारक महाराज ने अपने सचिव से कहा-‘यह बताओ, इस बार अपने प्रचार तंत्र से आय कम होने का कार … more →

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पतंजलि योग विज्ञान-काम के परिणाम से ज्ञान हो जाता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                आमतौर से आधुनिक विज्ञापन ज्योतिष तथा मनुष्यों की सिद्धि पर विश्वास नही करता पर पतंजलि … more →

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सामवेद से संदेश-अच्छा काम करने के लिये सत्य ही शस्त्र

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:             अंग्रेज विद्वान जार्ज बर्नाड शॉ के अनुसार बिना बेईमानी के कोई भी धनी नहीं हो सकता। हमारे … more →

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भर्तृहरि नीति शतक-खाने के लिये स्वाभिमान गंवाना व्यर्थ

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:              दुनियां में हर जीव के लिये भोजन अनिवार्य है पर इसका आशय यह कतई नहीं है किसी भूखे की दीन … more →

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सपने बाज़ार में बिकते हैं-हिन्दी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सपने बेचने का व्यापारबहुत सरल हैहल्दी लगे न फिटकरीरंग चोखा आये।जिदंगी के कड़वे सच सेउकताये ज़माने मेंह … more →

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चाणक्य नीति-धन हो तो अनेक बंधु बन जाते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                   श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार तत्वज्ञानी इस संसार में अधिक नहीं होते। सामान्य सांसरि … more →

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