विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम जिस तरह से देखती हो मुस्कुराकर मुझ … more →
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी हर नज़र बेक़रार’ और रूह बेताब है, ल … more →
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंति … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: और दाँव अपनी जाँ का किसने लगाया होगा फ … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मे … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: दिल तोड़ना at first sight झूठा गुस्सा उस पर झूठ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल- … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हू … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हम … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनो … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: लगे लगन तो… छूटे नहीं यह… बने सजन तो … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं ज … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: My Love, Love is an eternal feeling. For you my affection is an eternity. You are an offish because … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: रोज़े - शामे - दीवाली कोई नूरे - चराग़ न … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए वह ख़फ़ा हुआ हम … more →
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more →