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Blogs about: Sound

तुम न समझोगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्हारे ग़मे-इश्क़ में जो च … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Moment, तन्हाई, दिल, प्यार

और दाँव अपनी जाँ का1 comment

विनय wrote 1 year ago: और दाँव अपनी जाँ का किसने लगाया होगा फिर इश्क़ ने फ़रहाद कोई बुलाया होगा यूँ ही नहीं बिगड़ता है कोई कि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, दरवाज़ा, मोहब्बत, ख़बर, तन्हा, आहट

शामे-दीपावली

विनय wrote 2 years ago: एक बार देखा था तुझे हाथों में चिराग़ लिए चौखट पर खड़ी थी चाँद की निगाहें तुझ पर टिकी थीं सारी ज़मीं नव … more →

Tags: मेरी नज़्म, Earth, चाँद, इश्क़, Love, दुल्हन, प्यार, मोहब्बत, ज़मीं

एक अधूरी ख़ाहिश लिए

विनय wrote 2 years ago: एक अधूरी ख़ाहिश लिए मैं भटक रहा हूँ दर-ब-दर, सुनसान ख़ाली सड़कों पर अँधेरा ही अँधेरा है, इन अँधेरों … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, तन्हाई, प्यार, मोहब्बत, ख़ाहिश, Solitude, desire

दोनों बहुत देर तक बैठे रहते हैं

विनय wrote 2 years ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बै … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, प्यार, मोहब्बत, शाम, ख़ामोश


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