पिछला भाग सोनाबाबू श्रीनाट्यम के संस्थापकों में से एक थे और उसके साथ उन्होंने नाटकों में अभिनय के अलावा अनुवाद , रूपांतर तथा मौलिक नाटक लेखन के भी प्रयास किए । संगठन और आर्थिक साधन जुटाने में भी उनका … more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 1 year ago: पिछला भाग सोनाबाबू श्रीनाट्यम के संस्थापकों में से एक थे और उसके साथ उन्होंने नाटकों में अभिनय के अल … more →