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Blogs about: Stone

हमने तुमको तुमसे चुराया2 comments

विनय wrote 1 year ago: हमने तुमको तुमसे चुराया दिल में अपने तुमको बसाया तुम भी दीवाने हो गये हो दूर जो ख़ुद से हो गये हो आओ … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, इश्क़, Heart, Love, क़रीब, दिल, प्यार, मोहब्बत

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, महसूस, इश्क़, दर्द, Heart, Love, Reminisce, Moment

तुमसे कुछ कहना है

विनय wrote 1 year ago: सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है तुम्हारे जैसी लड़की से प्यार करना है हाँ कर दो, तुम मुझसे प्यार कर … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, नशा, हसीना

वह मौसम इक बार 2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, possible, जुदा, मौसम, दिल, प्यार

जो दिल से जाता नहीं है6 comments

विनय wrote 1 year ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम … more →

Tags: मेरा गीत, अकेले, इश्क़, ख़ाब, ख़ामोश, ख़ुशबू, गीत, जज़्बात, तन्हा

तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं

विनय wrote 1 year ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर है दिल मेरा नहीं सच नहीं मुझको यक़ीं ख़ुद पे नहीं है सनम दूर र … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, आइना, प्यार, मोहब्बत, ख़फ़ा, ख़ुश, सनम

तू संग न होगा

विनय wrote 1 year ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न होगा तू है भी अगर किसी बुते-संग में तू संग न होगा तेरी मर्ज़ी स … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, क़िस्मत, मुक़ाम, मोहब्बत, वफ़ा, तन्हा

हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे1 comment

विनय wrote 1 year ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रुसवा किये जायेंगे इस क़दर यह न जानते थे बेवफ़ा गर वह होता दर्द श … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, Frozen, प्यार, मोहब्बत, Friendship, वफ़ा

ग़लत करते हैं

विनय wrote 1 year ago: हम जितना करते हैं’ ग़लत करते हैं गर सही भी करते हैं तो ग़लत करते हैं तुमको बतायेगा कौन ख़ुदा भी … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, ख़ुदा, पत्थर, हाल, Wrong

इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं

विनय wrote 1 year ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, प्यार, मोहब्बत, नज़र, इम्तिहाँ, Cruelty

कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से

विनय wrote 2 years ago: तह पर तह लगी है कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से आँधियों में… मैं खड़ा रहा साथ उसके न उसने मुझको द … more →

Tags: मेरी नज़्म, वक़्त, शिकन, time, चेहरा, आँधी, धूल, अजनबी, सिलसिला

सब चेहरे एक-से हो जाते हैं...

विनय wrote 2 years ago: यह कौन-सा मुक़ाम है? जहाँ आकर सब चेहरे एक-से हो जाते हैं दिल रेत बनकर सीने में गहरा और गहरा धँसने लगत … more →

Tags: मेरी नज़्म, Heart, दिल, मुक़ाम, धड़कन, साँस, रेत, पत्थर, चेहरे


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