Blogs about: Stone
Featured Blog
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं आहिस्ता-आहिस्ता तुमसे राहें जुड़ने ल… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
— 4 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला मु … more »
यह कैसा लम्हा है
— 3 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पल … more »
आँखों से सुना आँखों ने कहा
— 5 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: आँखों से सुना आँखों ने कहा आँखों ने सु … more »
तुमसे कुछ कहना है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है तुम् … more »
उड़ते हुए दिन, दबी हुई रातें
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उड़ते हुए दिन, दबी हुई रातें सीने में ब … more »
मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया उफ़! यह दिल स … more »
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ … more »
वह मौसम इक बार
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की … more »
इस पुराने शहर में
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इस पुराने शहर में कुछ पुरानी इमारतें ह … more »
जो दिल से जाता नहीं है
— 3 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो द … more »
तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर … more »
तू संग न होगा
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न हो … more »
हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रु … more »
सूखे हुए तिनकों को आशियाँ कहिए
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: सूखे हुए तिनकों को आशियाँ कहिए जो सबपे … more »
इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने ह … more »
हाल तेरा कहीं मैंने तुझसे बेहतर जाना
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: हाल तेरा कहीं मैंने तुझसे बेहतर जाना प … more »
दिल में तेरे लिए सच्ची अक़ीदत है
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: है जो किसी से तुम्हें तो गुल से निस्बत … more »
