आया फंदेबाज और बोला -सुना है तुमने महाकवि की उपधि स्वयं ही धारण की है क्या इतनी कुंठा आ गयी कि कोई सम्मान नहीं देता कोई इनाम नहीं देता या किसी अन्य कारण से की है अरे, कुछ नैतिकता की बातें लिखते भले ही… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****Rahul Katyayan wrote 2 weeks ago: छिपा हुआ सत्य दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: भारत का शिक्षित वर्ग हमेशा ही मानसिक द्वंद्व में फंसा दिखता है जो पश्चात्य सभ्यता के समर्थन और विरोध … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: हिंदी भाषा के महान कवि हरिबंशराय बच्चन ने मधुशाला लिखी थी। अनेक लोगों ने उसे नहीं पढ़ा। कई लोग ऐसे ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: हिंदी भाषा के महान कवि हरिबंशराय बच्चन ने मधुशाला लिखी थी। अनेक लोगों ने उसे नहीं पढ़ा। कई लोग ऐसे ह … more →
garimatyagi wrote 9 months ago: Many years ago, In year 1970, a girl named Eclairs lived in a small village. She was eight years old … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि … more →
Indrajeet wrote 1 year ago: प्रिय पाठकों, ब्लोगिंग की शुरुआत, आज से करीब पाँच साल पहले हुई. तब से आज तक हैरतंगेज तरीके से इसकी व … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: ऐसी चीख कि मुर्दे भी कब्र में उठकर खड़े हो जाएं। लगा कि आवाज़ बिल्कुल कानों के पास से आई है। उन हाला … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उन्होंने अपनी गाड़ी थोड़ी दूर बनवाई। जब वह मैकनिक को पैसे दे रहे थे तब उनके साथ एक मित्र भी था। अपने … more →
yanshityagi wrote 1 year ago: One day lion go walk for park. Lion see lioness was very beautiful. Next day lion go walk for park. … more →
विनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
yanshityagi wrote 1 year ago: Garima Didi, my cousin, presented a comic book ‘The Funny Book Of Jummy And Johny’ on my … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आया फंदेबाज और बोला -सुना है तुमने महाकवि की उपधि स्वयं ही धारण की है क्या इतनी कुंठा आ गयी कि कोई स … more →
विनय wrote 1 year ago: कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है फिर से वही गुज़रा हुआ ज़माना ढूँढ़ता है वह एक पल जो थम के रह गया … more →
विनय wrote 1 year ago: ना जीने को जी करता है ना मरने को जी करता है तू नहीं है जो साथ मेरे साथ रहने क … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मंदिर होये मूरत,हृदय बसे भगवन ये छोटिसी कहानी हमारी मा काफ़ी बार हम सारे भाई बहनो को दोहराती रहती है … more →
विनय wrote 1 year ago: आज वह हर शख़्स मुझे बेग़ाना लगता है कल तक जिसके लिए दिल दिवाना लगता है निगाहों में हैं सारे अंदाज़ आज … more →
विनय wrote 1 year ago: ना लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच दिल का रिश्ता है तेरे-मेरे बीच तंगिए-दिल से पहलू को छुटाओ गरज़ को न लाओ … more →