आईना देखती हूँ हर रोज़,आईने में अपने आप को खुश होती हूँ देखकर बाहरी रूप इतने अरसो बाद भी वैसा ही है,मुस्कुराता,महकता तसल्ली सी होती है,पर अधूरी सी……… पूछ लेती हूँ आईने से एक प्रश्न क… more →
mehhekk wrote 1 year ago: आईना देखती हूँ हर रोज़,आईने में अपने आप को खुश होती हूँ देखकर बाहरी रूप इतने अरसो बाद भी वैसा ही है, … more →
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