योगेन्द्र wrote 2 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
somen wrote 2 years ago: ज़िन्दगी में कभी लगे कि ज़िन्दा रहने का अब कोइ मक्सद ही नहीं, बेहाल तंगहाल साँसों को खिंच पाना अब और … more →