योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
theregoesathought wrote 1 year ago: Missed Calls, Another Meal Skipped, Aspirin, Tears, ….. And Darkness Falls Unread Cards, Anoth … more →
विनय wrote 2 years ago: तह पर तह लगी है कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से आँधियों में… मैं खड़ा रहा साथ उसके न उसने मुझको द … more →
somen wrote 2 years ago: ज़िन्दगी में कभी लगे कि ज़िन्दा रहने का अब कोइ मक्सद ही नहीं, बेहाल तंगहाल साँसों को खिंच पाना अब और म … more →