कलम! जिस से मैं आज बरसों से अपने दिल की आवाज़ को लफ्जों मैं ढालता रहा हूँ , बहते हर आंसू को पोछता रहा हूँ , वह कलम जिस ने हर दुःख और हर सुख में मेरा एक खूबसूरत, दिलकश और पुर्सकूं साथी की मानीन्द साथ द… more →
Anjaana Shahar...Ajnabee Log..nareshnamdev wrote 3 days ago: हम हर वक़्त अभिव्यक्त हो रहे हैं अपनी भावनाओं से, अपने विचारों से, अपने क्रिया कलापों से और इस तरह ह … more →
pryas wrote 11 months ago: पुराने जमाने की बात है। एक सम्राट गहरी चिंता में डूबा रहता। कहने को तो वह शासक था पर वह अपने को अशक् … more →
Ashok wrote 1 year ago: कलम! जिस से मैं आज बरसों से अपने दिल की आवाज़ को लफ्जों मैं ढालता रहा हूँ , बहते हर आंसू को पोछता रह … more →