Blogs about: Sunlight

Featured Blog

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 6 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार

उम्मीद है हम तुम मिलेंगे3 comments

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, उम्मीद, कली, ख़त, ख़ुशबू, घर, दिल, दीप

नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में2 comments

विनय wrote 1 year ago: नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में मैं रंग-बिरंगे सपनों की छतरी लेके साँवले का मन लुभाके, बिजली ग … more →

Tags: मेरा गीत, धूप, Heart, Mind, बदन, dido, Body, मन, जिया

ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी

विनय wrote 1 year ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ाने लगी दरख़्त की शाख़ों पर धूप की बूँदें नहीं सूरज का दरिया है … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, Tree, ज़िन्दगी, बूँद, चाँद, धूप, इश्क़, Love

उफ़! यह छाँव की उमस

विनय wrote 1 year ago: उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम्मीद की धूप रिस गयी है शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, उम्मीद, उफ़, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत

कितना काला पड़ गया हूँ2 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं तेरे इश्क़ की छाँव में जल-जलकर कितना काला पड़ गया हूँ, आकर देख तू मुझे हुस्न की धूप का एक टुकड़ा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हुस्न, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Shadow, Beauty

यह शाम की धूप

विनय wrote 1 year ago: कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले तो ज़हर भी खा लूँ यह शाम की धूप बहुत कड़ी है… शायिर: विनय … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, शाम, Life

खिले इस तरह तेरे रंग और रूप

विनय wrote 1 year ago: खिले इस तरह तेरे रंग और रूप जैसे सर्दियों की भीनी-भीनी धूप अब यह आलम है दिलो-ज़हन का करता हूँ हर शै म … more →

Tags: रुबाइयाँ, रंग, धूप, भीनी, आलम, ज़हन, महसूस, इश्क़, Love

तेरे चेहरे पर अपनी नज़र ढूँढ़ते हैं

विनय wrote 1 year ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अपनी दुआ में असर ढूँढ़ते हैं तुम देखकर हँसते हो मुझे और हम तेर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, असर, इश्क़, कोहरा, गली, चाहत, दुआ, धूप, नगर

तो शायद साँस पड़ जाये इनमें...

विनय wrote 1 year ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? सूखने के लिए रख दी है धूप में जैसे जैसे नमी भाप बनती है पन्ने … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, धूप, eyes, साँस, नीली, आँखें, Life, पन्ने


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “sunlight”:
Technorati Del.icio.us IceRocket