हाइकू – सवेरा 1. पंछीयो की किलबिल सूरज निकलते ही घरौंदा छोड़े 2. चाँद छुप गया चँदनी खो गयी अधूरे स्वप्न 3. दव की बूँदे फूल खिले है महेकती ताज़गी 4. घना सा कोहरा पत्तिय… more →
mehekदीपक भारतदीप wrote 7 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू – सवेरा 1. पंछीयो की किलबिल सूरज निकलते ही घरौंदा छोड़े 2. चाँद छुप गया चँदन … more →
mehhekk wrote 2 years ago: हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत … more →