काजल दीपक की बाती पर जल कर आग की तपिश में पीघल कर खुदको बनाया और सवारा हमने काला रंग है कह कह कर हमे मिटाया ,दर्द दिया सबने मायूस हो गये हम फिर ये हमे कैसा बनाया रबने सबने हमे ठुकराया अपने हाथ सफेद कर… more →
mehhekk wrote 1 year ago: काजल दीपक की बाती पर जल कर आग की तपिश में पीघल कर खुदको बनाया और सवारा हमने काला रंग है कह कह कर हमे … more →
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