“मंजिलें भी उसकी थीं, रास्ते भी उसके थे , मैं तनहा था , काफिले भी उसके थे , साथ साथ चलने की सोच भी उसकी थी, फिर रास्ते बदलने का फ़ैसला भी उसका था, आज क्यूँ तनहा है ये … more →
Gaurav's Notesmehhekk wrote 1 year ago: हाल-ए-दिल बयान कर रहे थे जब हम अपना पाक-ए-मोहोब्बत है तुमसे ये मान लिया होता | किसी भी हद्द से गुजर … more →
Gaurav Mishra wrote 2 years ago: “मंजिलें भी उसकी थीं, रास्ते भी उसके थे , मैं तनहा था , काफिले भी उसके थे , साथ साथ … more →