ज़माने के जिस दौर से इस वक्त हम गुज़र रहे हैं, अगर आप उससे नावाकिफ हैं तो मेरे अफ़साने पढिये. और अगर आप इन अफ्सानों को बर्दाश्त नहीं कर सकते तो इसका मतलब ये है कि ये ज़माना नाकाबिल-ए -बर्दाश्त है. मुझम… more →
Hum sabki duniya's Weblogkapilkiduniya wrote 1 year ago: ज़माने के जिस दौर से इस वक्त हम गुज़र रहे हैं, अगर आप उससे नावाकिफ हैं तो मेरे अफ़साने पढिये. और अगर … more →