Blogs about: Telent

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अनुवाद टूल से सभी भाषाओं के लेखक करीब आयेंगे-आलेख3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग के पाठों को हिंदी में अनुवाद कर उन्हें पढ़ा। इसमें कुछ भारतीय लेखकों द्वारा … more →

Tags: Blogroll, Thought, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, चिन्तन, इंडिया, भारत, सूचना

रहीम के दोहे:बैर,प्रेम और यश कोई साथ लेकर पैदा नहीं होता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: यह रहीम निज संग लै, जनमत जगत न कोय बैर, प्रीति, अभ्यास, जस, होत होत ही होय कविवर रहीम कहते हैं की प … more →

Tags: Blogroll, hindi, अभिव्यक्ति, भारत, bharat, सूचना, हिंदी साहित्य, साहित्य, Education

रहीम के दोहे:सुख में अंहकार दु:ख में कुंठा न पालें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब लगि जीवन जगत में, सुख दुख मिलन अगोट रहिमन फूटें गोट ज्यों, परत दुहुन सुर चोट कविवर रहीम कहते हैं … more →

Tags: Blogroll, Global Dashboard, dharm, inglish, अभिव्यक्ति, Thought, भारत, bharat, media

चाणक्य नीति:घी दूध से सींच गया नीम का वृक्ष मीठा नहीं होता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इतने भारी शरीर वाला हाथी छोटे से अंकुश सा वश में किया जाता है. सब जानते हैं की अंकुश परिमाण में हा … more →

Tags: Blogroll, glogbal dashborad, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, Thought, bharat, सूचना, आचरण

पहले आतंकवाद आया कि पर्यावरण प्रदूषण 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पहले इस नई दुनिया में पर्यावरण प्रदूषण फैलना शुरू हुआ या आतंकवाद? यह प्रश्न ऐसा ही है कि पहले मुर् … more →

Tags: sampadkeeya, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, संपादकीय, bharat, चिन्तन, साहित्य, Education

शक्तिशाली लोग हर जगह समाज की फिक्र करें 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मलेशिया में भारतवंशियों के आन्दोलन पर वहाँ की सरकार का बराबर रवैया अत्यंत चिंता का विषय है और हर समय … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Dashboard, Kavita, Thought, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति

चाणक्य नीति:पांच वस्तुओं का संग्रह अवश्य करें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इस संसार में कुछ प्राणियों के किसी विशेष अंग में विष होता है-जैसे सर्प के दांतों में मक्खी के मस … more →

Tags: Blogroll, Vichar, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, Thought, चिन्तन, हिंदी साहित्य, साहित्य

पुरानों की मजाक उड़ाकर सफलता ढूंढते नये कलाकार 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस दिन मैं एक टीवी चैनल पर लाफ्टर शो में एक पाकिस्तानी कलाकार के प्रदर्शन को देखकर यह सोच रहा था क … more →

Tags: Blogroll, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, हिंदी साहित्य, साहित्य, media, Education

गरीबी अपना वजूद नहीं खोती

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देश में कई लोग अभी भी टाँगे और बैलगाडी चलाते कई जगह हाथ रिक्शा भी खींचे हुए गरीब पसीना बहाते कई लोगो … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, संपादकीय, साहित्य, हिंदी आलेख, bharat, Blogger

चाणक्य नीति:धर्म की रक्षा धन से ही संभव

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.कोयल की मीठी वाणी उसका वास्तविक रुप है, वरना तो वह भी कॉए के समान काली और कुरूप होती है, परंतु उसक … more →

Tags: arebic, अनुभूति, चाणक्य, दीपक भारतदीप, शब्द, हिंदी साहित्य, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep

संत कबीर वाणी:ज्ञानी कोरी मान्यताओं में नहीं फंसते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस ते मुक्ता कैसे चुंगे, पडे काल के फंस संत शिरोमणि कबीरदास जीं … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, Dashboard, Thought, dharam, विश्वास, बिंब-प्रतिबिंब, आलेख

रहीम के दोहे:बुरे वक्त में राम का नाम ही सहायक1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जो रहीम करिबो हुतो, ब्रज को इहै हवाल तौ काहे  कर धरुयो, गोवर्धन गोपाल कविवर रहीम कहते हैं कि श्रीक … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, aastha, विचार, India, विश्वास, सूचना, साहित्य

सतर्कता रखना जरूरी

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हर कहानी रोज दोहराई जा रही है फिर भी लोग हैं कि भूल जाते हैं। अपने लोगों में ही दुश्मन छिपे हैं और द … more →

Tags: Blogroll, Global Dashboard, चिन्तन, आलेख, साहित्य, Internet, arebic, Media Biz, web duniya

रहीम के दोहे:भक्त का मन तो भगवान् में ही रमता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दादुर, मोर, किसान मन, लग्यो रहैं धन माहिं रहिमन चातक रटनि हूँ, सर्वर को कोऊ नाहिं कविवर रहीम कहते ह … more →

Tags: Blogroll, Dashboard, aastha, inglish, विचार, आध्यात्म, Sher, knowledge, Urdu

सास-बहू का रिश्ता-हास्य कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सास ने बहू से कहा ‘तुम्हें आज मायके जाने की अनुमति पर शाम ढलने से पहले घर लौट आना तेरे ससुर और … more →

Tags: Blogroll, Kavita, शेर-ओ-शायरी, शायरी, व्यंग्य, bharat, शेर, बिंब-प्रतिबिंब, हिंदी साहित्य


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