तेरे कदमो पे सर होगा, कजा सर पे खडी होगी, फिर उस सजदे का क्या कहना अनोखी बन्दगी होगी, नसीम-ए-सुबह गुनशन में गुलो से खेलती होगी, किसी की आखरी हिच्चकी किसी की दिल्ल्गी होगी, दिखा दुँगा सर-ए-महफिल, बता द… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे कदमो पे सर होगा, कजा सर पे खडी होगी, फिर उस सजदे का क्या कहना अनोखी बन्दगी होगी, नसीम-ए-सुबह गु … more →