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साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत मुझे मसल रही है ख़्यालों की राह-राह जल र… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इस ब्लाग (पत्रिका) की पाठक संख्या बीस हजार के पार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: 12 दिसंबर 2007 को इस हजार की संख्या पार कर च … more »
अनुवाद टूल से सभी भाषाओं के लेखक करीब आयेंगे-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग के पाठों को ह … more »
कम दर्शकों द्वारा फिल्म देखने की शिकायत बेमानी-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आज मैने एक अंग्रेजी ब्लाग पर पाकिस्ता … more »
धन आने से बुद्धि नहीं आ जाती-लेख Money is not coming to mind - article
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: पैसे में बहुत बड़ी ताकत होती है यह भी ब … more »
क्रिकेट मैच के लिये एक्शन सीन लिख देना-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लागर अपने कंप्यूटर पर बैठा था कि उसक … more »
क्या क्रिकेट की पुनःप्रतिष्ठा इंटरनेट के लिये चुनौती है?
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: मुझे याद है जब पिछली बार मैं ब्लाग बना … more »
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत म … more »
विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »
मनुस्मृति:बिना मांगे मिल जाये उसे अमृत समझें
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: १.इन्द्रियों के विषयों-रूप, रस, गंध, शब् … more »
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद … more »
दरवाज़े पे चुप-चुप से वह बैठे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दरवाज़े पे चुप-चुप से वह बैठे हैं दबा के … more »
दिले-सहरा में यह कैसा सराब है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दिले-सहरा में यह कैसा सराब है ज़ख़्म मव … more »
शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे … more »
क्या वह तुम थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन … more »
कुछ ऐसा ही होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ … more »
आँखों से सुना आँखों ने कहा
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: आँखों से सुना आँखों ने कहा आँखों ने सु … more »
मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया उफ़! यह दिल स … more »
नींद गहरी है रात ठहरी है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नींद गहरी है रात ठहरी है आज ख़ाबों की ब … more »
सर्वश्रेष्ठ ब्लोगर का फैसला होना अभी बाकी
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: लोगों को बाँट रहे सर्वश्रेष्ट का खिता … more »
