शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों से झाँक रहा था छत पे था मैं और पुरवाई बह … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों … more →
Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, light, तन्हाई, मौसम, प्यार, बादल
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