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Blogs about: Threshold

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 9 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आँसू, आस्ताँ, ख़ुदा, चाँद, तस्व्वुर, दाग़, दिल, मरासिम

ख़ुदा ने जब किसी को2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, light, दरवाज़ा, क़दम, ख़ुदा, दिए, Life, Stranger

रोज़े-शामे-दीवाली कोई नूरे-चराग़ नहीं

विनय wrote 1 year ago: रोज़े – शामे – दीवाली   कोई   नूरे – चराग़  नहीं चौखट   सूनी   दिल   वीराँ   तन्हा - … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, इश्क़, आतिश, Heart, Love, Flower, प्यार, मोहब्बत

वक़्त गुज़रा किया पल-पल आदतन

विनय wrote 2 years ago: मैं ईज़ा1 में पड़ा नदामत2 को तड़पता रहा जैसे शोला बुझती आग में भड़कता रहा मैं कमरे में बैठा खोया रहा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, Heart, time, eyes, Moment, दिल, दरवाज़ा, नाम

Fresh and dolce

विनय wrote 2 years ago: It was a beautiful dusk When I was at my threshold And waiting for Opening of your door Moon was mov … more →

Tags: English songs, Heart, Solitude, loneliness, Story, Moon, Past, Beautiful, Breath

शामे-दीपावली

विनय wrote 2 years ago: एक बार देखा था तुझे हाथों में चिराग़ लिए चौखट पर खड़ी थी चाँद की निगाहें तुझ पर टिकी थीं सारी ज़मीं नव … more →

Tags: मेरी नज़्म, Earth, चाँद, इश्क़, Love, दुल्हन, प्यार, मोहब्बत, ज़मीं


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