इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर ये ताजगी रहेगी मन में . ——————————… more →
mehekmehhekk wrote 8 months ago: इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत … more →
mehhekk wrote 2 years ago: रेशम सी किरने,एक नया सवेरा फूलों में बदली सारी कलिया कही दव की बूँदे ,थोड़ी पत्तियों की शरारत सारी … more →