ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए | पैगाम-ए-मोहोब्बत भेजा है खत में नाज़निन कबुल हो गर तोहफा-ए-इश्क़ हमसे नज़र कीजिए | खुशियाँ बाटने यह… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए | प … more →
mehhekk wrote 1 year ago: इत्तेफ़ाक १. उन्ही लम्हों का तोहफा दिया जिन्हे हम दफ़ना चुके थे ख़ुदारा कसम से,तेरे ये इत्तेफ़ा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तोहफा देनेवाले की भावना को समझो कीमत से तोहफे अलग अलग होते है | अपना काम पूरी श्रद्धा और लगन से करो … more →