विनय wrote 6 months ago: Without you’ I am dying My heart is crying’ baby That’s love, drenched in wine Unf … more →
विनय wrote 9 months ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →
विनय wrote 1 year ago: न कोई शिकायत है तुझसे न कोई गिला है तुम अपने हसीं लबों से हर्फ़ छुओ न छुओ कम-स-कम बाहम निगाहों में गु … more →
विनय wrote 1 year ago: सिफ़र को टोह लेते हैं दिले-यार में अपनी भी दीवानगी कुछ कम नहीं मैं और वह, दोनों कभी दोस्त थे! सिफ़र= श … more →
विनय wrote 1 year ago: रोज़ सपनों में आता है इन रातों में जगाता है मैं क्यों न जानूँ उसको मैं न पहचानूँ उसको वह मुझसे अजनबी … more →
विनय wrote 1 year ago: I feel your love n’ the flames of love It just the first time When I am in love I feel your lo … more →
विनय wrote 1 year ago: I know I’m lost you’re gone We will never meet again But I want a day to love you I wanna make love … more →
विनय wrote 1 year ago: कल की रात बहुत हसीन थी आँखों में उतर आये थे महके हुए ख़्वाब… पहले तो हम चराग़ों के नूर में बैठे … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’… नया जन्म हुआ है … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा, तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’ अभी-अभी मेर … more →
विनय wrote 1 year ago: तुम्हें महसूस हो कि ना हो मेरे सीने में दर्द है तो सही… लम्हा-लम्हा जज़्बात पिघलते हैं ग़म की चि … more →