(कविता – स्तेफ़ान स्पेंडर) बंदूकें धन के अंतिम कारण के हिज्जे बताती हैं बसंत में पहाड़ों पर सीसे के अक्षरों में लेकिन जैतून के पेड़ों के नीचे मरा पड़ा वो लड़का अभी बच्चा ही था और बहुत अनाड़ी भी … more →
अनुवादयोगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: हम हिंदुस्तानियों का अंग्रेजी-मोह अद्वितीय और तारीफे-काबिल है । आम पढ़े-लिखे हिंदुस्तानी की दिली चाहत … more →
Praful wrote 7 months ago: Most famous song written by Rabindra nath tagore. I like this song very much… The song was fam … more →
anileklavya wrote 10 months ago: (कविता – स्तेफ़ान स्पेंडर) बंदूकें धन के अंतिम कारण के हिज्जे बताती हैं बसंत में पहाड़ों पर सी … more →
anileklavya wrote 10 months ago: (लेख – अरुंधती रॉय) अभी हाल ही में एक युवा कश्मीरी मित्र से मेरी बात हो रही थी कश्मीर में जीवन … more →
anileklavya wrote 10 months ago: (कविता – स्तेफ़ान स्पेंडर) मैं हमेशा उनके बारे में सोचता हूँ जो सच में महान थे मैं हमेशा उनके … more →
anileklavya wrote 10 months ago: (कविता – हैरॉल्ड पिंटर) हँसी थम जाती है पर कभी नहीं होती खत्म हँसी झुठाने में लगा देती है अपना … more →
anileklavya wrote 11 months ago: (लेख – तारिक़ अली) पिछले तीन सप्ताह से पाकिस्तान के सैनिक शासक तालिबान को इस बात के लिए मनाने … more →
anileklavya wrote 11 months ago: (लेख – पी. साईनाथ – 03 अप्रैल, 2006) किसानों द्वारा आत्महत्याओं की संख्या इस हफ़्ते 400 … more →
anileklavya wrote 11 months ago: (कविता – हैरॉल्ड पिंटर) और दोपहर के बाद आते हैं सजे-धजे प्राणी लाशों में सूंघने के लिए और करने … more →
anileklavya wrote 11 months ago: (कविता – पाब्लो नेरूदा) फिर एक सुबह सब कुछ जल रहा था, एक सुबह लपटें उठ रही थीं ज़मीन से इंसानो … more →
Archana wrote 11 months ago: जगातल्या अनेक साहित्यकृतींचे एकाहून अधिक भाषांत अनुवाद झालेले आहेत. त्यातील काहींचे तर एकाच भाषेत वे … more →
माधव त्रिपाठी wrote 1 year ago: मै इन्टरनेट पर हिन्दी में बहुत अच्छा नही लिखता हूँ लेकिन मेरी यह समस्या अभ्यास न होने के कारन है लेक … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: I bow to thee, Mother, richly-watered, richly-fruited, cool with the winds of the south, dark with t … more →