ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह, हमें भी अपना दीवाना बना दो या रसूल-अल्लाह, मोहब्बत ग़ैर से मेरी छुड़ा दो या रसूल-अल्लाह, मेरी सोई हुई क़िस्मत जगा दो या रसूल-अल्लाह, बड़ी क़िस्मत हमारी है के उम्… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह, हमें भी अपना दीवाना बना दो या रसूल-अल्लाह, मोहब्बत ग़ैर स … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया, कैसी ज़मीं बनाई क्या आसमां बनाया, मिट्टी से बेल फूटे क्या ख़ुशनुमा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मदीने को जायें ये जी चाहता है, मुक़द्दर बनायें ये जी चाहता है, मदीने के आका दो आलम के मौला, तेरे पास … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दुनिया से दिल लगाकर दुनिया से क्या मिलेगा, याद-ए-ख़ुदा किये जा तुझ को ख़ुदा मिलेगा, दौलत हो या हुकूमत … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चिराग दिल के जलाओ के ईद का दिन है, तराने झूम के गाओ के ईद का दिन है, ग़मों को दिल से भुलाओ के ईद का द … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अब तो मेरे खुदा मुझे जलवा दिखाइये, अपने नमाज़ियों का कहा मान जाइये, कुछ कह रहे हैं आप से सीने की धड़कन … more →