त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया वाह वाह कह वो निकल गये हमे ग़लत फ़हमी हुई बताया 2.जाम हाथों में लिए वो पीते रहे रात भर उनके साथ साथ… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया … more →
mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.समय भागता रहा अपनी रफ़्तार से कुछ पाने की जिद्द थी मैं भी भागती रही खुद को ही बहुत अज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी – अक्सर जाती हूँ मैं उस कुए के पास 1.अक्सर जाती हूँ मैं उस कुए के पास कंठ गीला करने ज … more →