तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, तेरी याद में है कली कली है चमन चमन में हुबल अली, तू बसा है फूल में हू-ब-हू तेरी शान जल्लेजलाल हूं, त… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, … more →