तुम करूणा के सागर हो प्रभु, मेरी गागर भर दो | थके पांव है दूर गावं है , अब तो कृपा कर दो | क्लेश-द्वेष से भरा ये मन है , मैला मेरा तन है | तुम कृपाला दीनदयाला, तुमसे ही जीवन है | इस तन -मन को उपवन करन… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम करूणा के सागर हो प्रभु, मेरी गागर भर दो | थके पांव है दूर गावं है , अब तो कृपा कर दो | क्लेश-द्व … more →