तुम ने बदले हम से गिन गिन के लिए, हमने क्या चाह था इस दिन के लिए, वस्ल का दिन और इतना मुख्तसर, दिन गिने जाते थे इस दिन के लिए, वोह नहीं सुनते हमारी क्या करें, मांगते हैं हम दुआ जिन के लिए, चाहने वालों… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुम ने बदले हम से गिन गिन के लिए, हमने क्या चाह था इस दिन के लिए, वस्ल का दिन और इतना मुख्तसर, दिन ग … more →