तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी ! चलते-चलते पग मेरे हारे , कारण कौन भुलाये ! सदा रही है आस तुम्हारी , मारग कौन बताये ! कभी गिरा न भक्त वो तेरा तुमने बांह जो थामी !! चैन – रैन निस दिन खोवत है , नयनन आ… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी ! चलते-चलते पग मेरे हारे , कारण कौन भुलाये ! सदा रही है आस तुम्हारी , मार … more →