दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर फ़िर भी तुम्हारा ही नजारा ढूंढती है … more →
कुछ िदल सेalishaminta wrote 1 month ago: Today when i was siting alone without my parent and friends, i misd my love the most. Wish that i co … more →
kmuskan wrote 11 months ago: दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर … more →
kmuskan wrote 11 months ago: उस पल को बीते जमाना हो गया जब हुआ था मेरा तुझसे सामना आज अगर तुम मिल भी जाओ तो हम दो अजनबियों की तरह … more →
kmuskan wrote 11 months ago: जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्ह … more →
kmuskan wrote 1 year ago: तेरी इक नजर को तरसे है ये नैना पर तू ना जाने कहाँ गुम है। ख्वाबो मे इक झलक दिखलाकर फिर से ना जाने क … more →
kmuskan wrote 1 year ago: तुम साथ हो तो सब अच्छा लगता है अंधेरे मे भी रोशनी का रंग दिखता है हो के जुदा तुमसे ये चाँद भी हमे दर … more →
kmuskan wrote 1 year ago: चोखट पर नजरे लगाए बैठे थे, इंतज़ार मे नजरे बिछाये बैठे थे दरवाजे पर कोई दस्तक हुई , पर क्या ये तुम हो … more →
kmuskan wrote 1 year ago: हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह … more →
kmuskan wrote 1 year ago: मुझे इंतजार है उस पल का जब मेरी कलपनाएँ आकार लेंगी जब तुम मेरे सामने होंगे मै इंतजार करुँगी उस पल का … more →
kmuskan wrote 1 year ago: आ अब लौट चले िफर से उंही राहो पे िजन पर कभी सफर िकया था अतीत के गिलयारो मे । आज िफर इक मंिजल की तलाश … more →
kmuskan wrote 1 year ago: टूटकर िबखरने को थी िजंदगी मेरी, िक समेटने को मुझे तुम आ गए । धडकने िदल का साथ छोडने को थी, िक इन धडक … more →
kmuskan wrote 1 year ago: िजंदगी की इक ही है आरजू हर जनम मे बनू, मै तेरी आरजू मेरी तो िदल की हर धडकन मे बसे हो तुम तेरे िदल मे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रुके थे कभी ज़िंदगी की राहो पर राह देखी थी तुम्हारी हर दिन,हर रात हर लम्हा,हर घड़ी बेसुद से खड़े रहे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे अपनी ज़िंदगी बनाना चाहते है मेरी सांसो में आकर मिल जाओ तुम | तुम्ही फूल मेरे जीवन की बगिया का … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वो तुम ही तो हो रहता है जो इन झील सी निगाओं में बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो | नाम लेती हूँ जिसक … more →