दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर फ़िर भी तुम्हारा ही नजारा ढूंढती है… more →
कुछ िदल सेalishaminta wrote 5 months ago: Today when i was siting alone without my parent and friends, i misd my love the most. Wish that i co … more →
kmuskan wrote 1 year ago: दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर फ़ि … more →
kmuskan wrote 1 year ago: उस पल को बीते जमाना हो गया जब हुआ था मेरा तुझसे सामना आज अगर तुम मिल भी जाओ तो हम दो अजनबियों की तरह … more →
kmuskan wrote 1 year ago: जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्हे अ … more →
kmuskan wrote 1 year ago: तेरी इक नजर को तरसे है ये नैना पर तू ना जाने कहाँ गुम है। ख्वाबो मे इक झलक दिखलाकर फिर से ना जाने क … more →
kmuskan wrote 1 year ago: तुम साथ हो तो सब अच्छा लगता है अंधेरे मे भी रोशनी का रंग दिखता है हो के जुदा तुमसे ये चाँद भी हमे दर … more →
kmuskan wrote 1 year ago: चोखट पर नजरे लगाए बैठे थे, इंतज़ार मे नजरे बिछाये बैठे थे दरवाजे पर कोई दस्तक हुई , पर क्या ये तुम हो … more →
kmuskan wrote 1 year ago: हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह ि … more →
kmuskan wrote 1 year ago: मुझे इंतजार है उस पल का जब मेरी कलपनाएँ आकार लेंगी जब तुम मेरे सामने होंगे मै इंतजार करुँगी उस पल का … more →
kmuskan wrote 1 year ago: आ अब लौट चले िफर से उंही राहो पे िजन पर कभी सफर िकया था अतीत के गिलयारो मे । आज िफर इक मंिजल की तलाश … more →
kmuskan wrote 1 year ago: टूटकर िबखरने को थी िजंदगी मेरी, िक समेटने को मुझे तुम आ गए । धडकने िदल का साथ छोडने को थी, िक इन धडक … more →
kmuskan wrote 1 year ago: िजंदगी की इक ही है आरजू हर जनम मे बनू, मै तेरी आरजू मेरी तो िदल की हर धडकन मे बसे हो तुम तेरे िदल मे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आना इ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रुके थे कभी ज़िंदगी की राहो पर राह देखी थी तुम्हारी हर दिन,हर रात हर लम्हा,हर घड़ी बेसुद से खड़े रहे … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे अपनी ज़िंदगी बनाना चाहते है मेरी सांसो में आकर मिल जाओ तुम | तुम्ही फूल मेरे जीवन की बगिया का … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वो तुम ही तो हो रहता है जो इन झील सी निगाओं में बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो | नाम लेती हूँ जिसक … more →