तेरी याद में कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे गम-ए-जुदाई में तेरी डूबे थे इस कदर क्या कहें उलफत-ए-दिल उलझा रहा और चुन गयी दीवारे तुझ से मिलना बहुत हो गया… more →
mehekalishaminta wrote 5 months ago: teri chahat k aansu ne mere takiye ko bhigoya hai teri ashiqui mein pagal dil na jane kitna roya hai … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी याद में कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे गम-ए-जु … more →